सोनू (मोनू से)- तुम्हारी छतरी में तो छेद है।
मोनू (सोनू से)- हां पता है और इसे मैंने ही किया है।
सोनू- लेकिन क्यों?
मोनू- अरे यार जब बारिश बंद होती है तो पता चल जाता है। |
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मास्टर जी (रोहन से)- तुम्हारी जेब में तीन पाई हैं। अगर इसमें एक पाई और डाल दें तो क्या होगा?
रोहन (मास्टर जी से)- मेरी जेब फट जाएगी।
मास्टर जी- वह कैसे?
रोहन - आप खुद बताइए मेरी इतनी छोटी जेब में चारपाई कैसे आएगी! |
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सुरेश (चिंटू से)- चिंटू, तुमने अभी तक दुनिया का नक्शा क्यों नहीं खरीदा?
चिंटृू (सुरेश से)- पिताजी कहते हैं कि दुनिया तेजी से बदल रही है। मैंने सोचा, जब स्थिर हो जाएगी तब खरीदूंगा। |
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पिता (पुत्र से)- बेवकूफ यह क्या कर रहा है? हाथों के बल क्यों चल रहा है?
पुत्र (पिता से)- आपकी इच्छा का पालन कर रहा हूं डैडी। आपने कहा था न, अगर तू फेल हो गया, तो घर में कदम नहीं रखने दूंगा। |
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पिता (पुत्र से)- बेटा स्कूल में यह इनाम क्यों मिला है?
पुत्र (पिता से)- वाद विवाद में एक घंटा बोलने पर।
पिता- अच्छा वाद विवाद का विषय क्या था?
पुत्र- कम बोलने से होने वाले फायदे।
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सोनू (मां से)- मां, आज मेरा दोस्त मेरे घर आ रहा है घर के सभी खिलौने छुपा दे।
मां (सोनू से)- तुम्हारा दोस्त चोर है क्या?
सोनू- नहीं वह अपने खिलौने पहचान लेगा। |
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सोनू को मैथ्स के पेपर में जीरो मिला।
मां (सोनू से)- सोनू ! तुम्हें मैथ्स में जीरो क्यों मिला?
सोनू (मां से)- मां टीचर के पास स्टार खत्म हो गए थे तो उन्होंने प्लेनेट देना शुरू कर दिया। |
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पति (पत्नी से)- क्यों न आज की चाय बाहर चलकर पी जाए।
पत्नी (पति से)- क्यों तुम्हें क्या लगता है कि मैं चाय बनाते-बनाते थक गई हूं।
पति- अरे नहीं, दरअसल मैं ही कप प्लेट धोते-धोते तंग आ गया हूं। |
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प्रिया (पति से)- मैंने सुना है कि इस मौसम की चांदनी रातों में समझदार लोग भी पागल हो जाते हैं?
पति ने लंबी सांस लेते हुए जवाब दिया, हां, ऐसे ही मौसम की एक चादंनी रात में मैंने तुम्हें शादी के लिए प्रपोज किया था। |
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पत्नी (पति से) - आज तक तुमने अपनी जिंदगी में किया ही क्या है?
पति (पत्नी से)- मैंने अपना जीवन खुद बनाया है।
पत्नी- लो, और मैं हूं कि अब तक ईश्वर को दोष दे रही थी। |
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पत्नी (पति से)- सुनो जी, अगर इसी रफ्तार से तुम्हारे सिर के बाल झड़ते रहे तो एक दिन मैं तुम्हें तलाक दे दूंगी। मुझे गंजे लोग बिलकुल पसंद नहीं है।
पति (पत्नी से)- ऐं मैं भी कितना बेवकूफ हूं, जो कुछ अच्छा मांगने के बजाए भगवान से हमेशा कहता रहा कि मेरे बाल सही सलामत रहे। |
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शीना (रमेश से)- जानते हो मैंने 16 सोमवार व्रत रखा, सालों मंदिरों में मन्नत मांगी, सैंकड़ों गरीबों को दान दिया, तब जाकर कहीं तुम्हें पाया है।
रमेश (शीना से)- अच्छा! अगर यह सब न करती तो क्या होता?
शीना- तो क्या, तुमसे भी गया गुजरा कोई पल्ले पड़ जाता। |
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पति (पत्नी से)- मैंने आज रात को एक दोस्त को खाने पर बुलाया है।
पत्नी (गुस्से में)- तुम्हें हो क्या गया है, घर कैसे फैला हुआ है, मैं शॅपिंग के लिए भी नहीं गई, बर्तन भी गंदे पड़े हैं और खाना भी आज अच्छा नहीं बनने वाला।
पति - मुझे पता है।
पत्नी - फिर तुमने अपने दोस्त को क्यों बुलाया?
पति - क्योंकि वह बेवकूफ शादी करना चाहता है। |
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मालिक ने अपने सेक्रेटरी से डांटकर पूछा- मिस रीता, तुम ऑफिस में देर से क्यों आई?
रीता - जी, एक नौजवान मेरा पीछा कर रहा था।
मालिक (गुस्से में)- यह भी कोई वजह है?
रीता - हां बॉस..वह बहुत धीरे-धीरे चल रहा था। |
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एक किशोर शराब पीकर नशे की हालत में सड़क पर खड़ा था।
हवलदार (किशोर से)- यहां क्यों खड़े हो?
किशोर - इस समय सारा शहर मेरी आंखों के सामने घूम रहा है, अपना घर आते ही घुस जाऊंगा। |
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एक बार दो मनचले युवक एक समारोह में खाना खाना चले गए। समारोह के घर वालों ने एक युवक से पूछा- जी हमने आपको पहचाना नहीं, आप कैसे आए है?
युवक ने कहा- मैं लड़के वाले की तरफ से हूं। दूसरे युवक से पूछा तो उसने कहा- जी मैं लड़की वालों की तरफ से हूं।
घर वालों ने कहा- खाना बेशक खाओ, लेकिन यहां कोई शादी नहीं हो रही है, हमारे पिता जी की तेरहवीं है आज। |
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